Eagle In Hindi Essay

Bird Eagle Information In HindiEagle Bird Essay In Hindi The Most Beautiful Bird 2018


Related Gallery: Hdd Seagate Block Jumper  |   Palmetto Bluff Idea Home Plans  |   Austrian Cable Cars  |   ² ² µ º  |   Circuit Diagram Of Inverter With Battery Charger  |   Tamil S Painting  |   Www Auto Trader Co Uk  |   San Rafael I Warm Honey Carpet  |   Groom Wedding Dress Sherwani  |   Simple Photography Wedding Price List  |   The Blind Side Cast  |   Single Y House Plans  |   Escher Best Works  |   Makita Dc 1804 T Charger Instructions  |   Cheat Code Forza Horizon 2 Xbox 360  |   Davotanko Home Interior Commercial Kitchen Design  |   Framing Around Bat Obstructions  |   Cape Town Gumtree Car Cars Under R30000  |   Learn To Painting Pencil  |   Inside Painting House 2018  |   Latest Ankara Styles For Wedding  |  

Any content, trademark/s, or other material that might be found on the cnceptz.com website that is not cnceptz.com property remains the copyright of its respective owner/s. In no way does cnceptz.com claim ownership or responsibility for such items, and you should seek legal consent for any use of such materials from its owner.

महाश्येन (ईगल) शिकार करने वाले बड़े आकार के पक्षी हैं। इस पक्षी को ऊँचाई से ही प्रेम है, धरातल से नहीं। यह धरातल की ओर तभी दृष्टिपात करता है, जब इसे कोई शिकार करना होता है। इसकी दृष्टि बड़ी तीव्र होती है और यह धरातल पर विचरण करते हुए अपने शिकार को ऊँचाई से ही देख लेता है। यूरेशिया और अफ्रीका में इसकी साठ से अधिक प्रजातियाँ स्पेसीज (species)पायी जाती हैं।

महाश्येन, फैल्कोनिफॉर्मीज़ (Falconiformes) गण, ऐक्सिपिटर (Accipitres) उपगण, फैल्कानिडी (Falconidae) कुल तथा ऐक्विलिनी (Aquilinae) उपकुल के अंतर्गत है। यह उपकुल दो वर्गों में विभाजित है। ये दो वर्ग ऐक्विला स्थल महाश्येन (Aquila Land Eagle) और हैलिई-एटस, जल महाश्येन (Haliaeetus Sea Eagle) हैं। इस श्येन परिवार में लगभग तीन सौ जातियाँ पाई जाती हैं। ये अनेक जातियाँ स्वभाव तथा आकार प्रकार में एक दूसरे से भिन्न होती हैं तथा विश्व भर में पाई जाती हैं।

प्राचीन काल से ही यह साहस एवं शक्ति का प्रतीक माना गया है। संभवत इन्हीं कारणों से सभी राष्ट्रों के कवियों ने इसका वर्णन किया है और इसे रूस, जर्मनी, संयुक्त राज्य आदि देशों में राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में माना गया है। भारत में इसे गरुड़ की संज्ञा दी गई है तथा पौराणिक वर्णनों में इसे विष्णु का वाहन कहा गया है। संभवत: तेज गति और वीरता के कारण ही यह विष्णु का वाहन हो सका है।

अन्य देशों के भी पौराणिक वर्णनों में इसका वर्णन आता है, जैसे स्कैंडेनेविया में इसे तूफान का देवता माना गया है और यह बताया गया है कि यह देव स्वर्ग लोक के एक छोर पर बैठकर हवा का झोंका पृथ्वी पर फेंकता है। ग्रीसवासियों की, प्राचीन विश्वास के अनुसार, ऐसी धारणा है कि उनके सबसे बड़े देवता, ज़्यूस (Zeus), को इस महाश्येन ने ही सहायतार्थ वज्र प्रदान किया था।

भगवान् विष्णु का वाहन होकर भी इस पक्षी की मनोवृत्ति अहिंसक नहीं है। यह मांसभक्षी, अति लोलुप और प्रत्यक्षत: हानि पहुँचानेवाला होता है, तथापि यह उन बहुत से पक्षियों को समाप्त करने में सहायक है, जो कृषि एवं मनुष्यों को हानि पहुँचाते हैं। साथ ही साथ यह हानि पहुँचानेवाले सरीसृप तथा छोटे छोटे स्तनी जीवों को भी समाप्त करता है और इस प्रकार जंतुसंसार का संतुलन बनाए रखता है।

इन्हें भी देखें[स्रोत सम्पादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[स्रोत सम्पादित करें]

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *